राष्ट्रीय अध्यक्ष: राजा परिक्षित बिंद जी, जमानिया, गाजीपुर   •   +91 85429 51180
PMSP • पिछड़ा मल्लाह समाज परिवार

PMSP - पिछड़ा मल्लाह समाज परिवार

राष्ट्रीय अध्यक्ष: राजा परिक्षित बिंद जी, जमानिया, गाजीपुर

जितनी जिसकी जनसंख्या भारी, उतनी उसकी हिस्सेदारी
हम भारतीय हैं, हम गंगा के रखवाले हैं!

हमारा परिचय

हम भारतीय हैं, हम बिंद, निषाद, केवट, मल्लाह समाज परिवार वाले हैं। हम वीर एकलव्य के वंशज हैं, हम वीरांगना फूलन देवी के वंशज हैं, जिसके साथ अन्याय हुआ, लेकिन उन्होंने घुटने नहीं टेके, अत्याचारियों का संहार किया। उन देवी के वंशज हैं।

हमारा समाज अंग्रेजों के जमाने में अंग्रेजों को भगाने के लिए सबसे पहले लड़ने वाला समाज है। भारत की आजादी में हमारे पूर्वजों ने खून की होली खेली।

हमारे समाज को भी हक और अधिकार मिलना चाहिए, तो फिर हमारे साथ छल क्यों? वीर एकलव्य के साथ छल क्यों? आज भी आरक्षण के नाम पर भेदभाव क्यों?

यह एक शक्तिशाली और परिश्रमी (मेहनती) समाज है। जब-जब इस देश में भयंकर बाढ़ आती है, तो सबसे पहले नाव लेकर हर घर को राहत सामग्री पहुँचाने वाला, इंसान, जीव-जंतु, पशु, किसान सबको बचाने वाला यही समाज है।

समाज और अधिकार

निस्वार्थ सेवा

हम अपने-अपने गांव, गांव जिले जिले, में प्रदेश में बिना स्वार्थ के, निस्वार्थ भाव से सरकार की मदद करते हैं। सरकार का भी फर्ज बनता है कि वो हमारे बारे में सोचे, हमें हक दिलाए। लेकिन सरकार निषाद, केवट, मल्लाह, बिंद समाज को अधिकार नहीं दे रही।

जनसंख्या का प्रश्न

हमारी जनसंख्या भारत में 12 से 14 करोड़ है। हर विधानसभा, हर जिले, हर प्रदेश में है। लेकिन हमारी जनसंख्या को छुपाया जाता है, जबकि ब्राह्मण, क्षत्रिय, राजपूत, यादव, मुस्लिम सबकी जनसंख्या बढ़ा कर दिखाई जाती है। ये बहुत गंभीर मुद्दा है, इससे हमारा समाज पिछड़ता जा रहा है।

उद्देश्य - आरक्षण की लड़ाई

PMSP (पिछड़ा मल्लाह समाज परिवार) बिंद, निषाद, केवट, मल्लाह सहित अन्य जातियों (कश्यप, कहार, धीवर, चौधरी बलवंत, खरवार, मांझी आदि) को आरक्षण दिलवाने के लिए बनाया गया है जिनको आज तक आरक्षण नहीं मिला।

मुख्य मांगें

1

आरक्षण दो

17 जातियों को SC आरक्षण तत्काल दिया जाए।

2

जनगणना में गिनती

हमारी 14 करोड़ जनसंख्या की सही जातिगत जनगणना हो।

3

नदी का हक

गंगा-जमुना का हम रखवाले हैं। बालू का ठेका, मछली पालन का ठेका, घाट का ठेका, नाव का ठेका और नदी के सभी सरकारी ठेकों में बिंद, निषाद, केवट, मल्लाह समाज को पहले प्राथमिकता और 50% छूट मिले।

4

आपदा में सैनिक मित्र का दर्जा

बाढ़ में काम करने वाले हर मल्लाह, केवट, निषाद, बिंद समाज को सरकारी गोताखोर, आपदा-मित्र का दर्जा, ₹10 लाख बीमा और मासिक मानदेय मिले।

5

सम्मान और सुरक्षा

हमारे समाज पर होने वाले अत्याचार पर SC/ST एक्ट जैसी सुरक्षा मिले।

6

समान अवसर

समाज के लिए सरकारी योजनाओं, शिक्षा, रोजगार, प्रशिक्षण और सम्मानजनक भागीदारी में समान अवसर सुनिश्चित किए जाएँ।

7

सामाजिक भागीदारी

स्थानीय से राष्ट्रीय स्तर तक समाज की उचित भागीदारी और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो।

हमारा संकल्प - चेतावनी

साथियों, हम जब दूसरों की रक्षा कर सकते हैं, तो अपने हक और आरक्षण भी सरकार से लड़कर ले सकते हैं।

हमारा ऐलान है: अगर सरकार हमारी बात नहीं मानती, तो बिंद, निषाद, केवट, मल्लाह समाज किसी भी प्रकार का सहयोग सरकार को नहीं देगा। बाढ़ में न नाव चलेगी, न वोट दिया जाएगा। हम अपना वोट उसी को देंगे जो हमारी मांग पूरी करेगा, जो भी सरकार हो।

पिछड़ा मल्लाह समाज परिवार (PMSP)

राष्ट्रीय अध्यक्ष राजा परिक्षित बिंद जी। इनका कार्यकाल संस्थापक के रूप में रहेगा, अंतिम निर्णय उन्हीं का होगा।
सदस्यता हर परिवार से 1 सदस्य, शुल्क ₹1 लिया जाएगा प्रतिवर्ष। हर सदस्य को परिवार पहचान-पत्र मिलेगा।
नारा “हम भारतीय हैं, हम गंगा के रखवाले हैं!”
झंडा लाल (शक्ति) + पीला (पवित्रता) + बीच में निषाद राज की नाव, मछली और दीपक का निशान।
अनुशासन कोई भी सदस्य समाज के खिलाफ, नशे में या आपसी लड़ाई में पाया गया तो सदस्यता रद्द। हम एक परिवार हैं।
हमारा संदेश एकता, समाज सेवा, अधिकार, सम्मान और निस्वार्थ सहयोग के साथ संगठन को मजबूत बनाना।

जय बिंद निषादराज

जय मानव • जय हो मल्लाह समाज

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